लखवाड़ छह राज्यों को देगी सिंचाई-पीने का पानी
लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना को सरकार ने वर्ष 1976 में मंजूरी दी थी। परियोजना का काम वर्ष 1992 में रोक दिया गया था। 300 मेगावाट की इस परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए अनुमति मिली थी। इसके लिए देहरादून के लोहारी गांव के निकट यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनेगा। बांध की जल संग्रहण क्षमता 330.66 मिलियन क्यूबिक मीटर होगी।
इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। यमुना बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों में घरेलू एवं औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जुड़ी व्यासी परियोजना से यूजेवीएनएल 120 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर चुका है।
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अब लखवाड़ का काम नए साल में गति पकड़ने का अनुमान है। इसे 2018 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था। इसमें 90 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्यों की सरकारें खर्च करेंगी। इससे उत्तराखंड और यूपी को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। यमुना बेसिन के छह राज्यों (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश) को गर्मियों में पेयजल मिल सकेगा। गृह मंत्रालय इसकी भी समीक्षा कर रहा है।