एम्स ऋषिकेश में अब पोस्टमार्टम (पीएम) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। गृह मंत्रालय ने एम्स प्रशासन को इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। संस्थान में पीएम की शुरुआत शुक्रवार को स्वामी सानंद से की गई है। अभी तक एम्स में संदिग्ध मौत के मामले में मृतक का पोस्टमार्टम हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित पोस्टमार्टम हाउस में किया जाता था।
बता दें, बीते छह माह से एम्स में पोस्टमार्टम की परमिशन की फाइल सचिवालय में अटकी थी। बीते बृहस्पतिवार को अनशनरत स्वामी सानंद (जीडी अग्रवाल) का एम्स में निधन हो गया।
इसके बाद एम्स प्रशासन को गृह मंत्रालय ने पोस्टमार्टम की अनुमति जारी कर दी। लिहाजा, अब एम्स में मौत होने पर पोस्टमार्टम संस्थान में ही होगा। खास बात यह है कि इससे संस्थान के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी लाभ प्राप्त हो सकेगा।
फोरेंसिक साइंस की होगी पढ़ाई
एम्स में पीएम हाउस खुलने से सुविधाओं के साथ शैक्षिक दृष्टिकोण से भी अहम फायदा हुआ है। अब स्टूडेंट्स को मेडिकल साइंस में एमडी फोरेंसिक साइंस की डिग्री भी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा पीजी के छात्र-छात्राओं को पीएम स्पेशलिस्ट की डिग्री करने का मौका मिलेगा।
गृह मंत्रालय ने पोस्टमार्टम की स्वीकृति दे दी है। स्वामी सानंद के पोस्टमार्टम के बाद से इसकी शुरुआत भी हो गई है। इससे पीजी में एमडी फोरेंसिक साइंस की पढ़ाई भी अब संस्थान में कराई जा सकेगी।
-हरीश थपलियाल , जनसंपर्क अधिकारी, एम्स