एक अदद आशियाना आशियाना बनाने की चाह रखने वालों को उत्तराखंड सरकार ने राहत दे दी है। सरकार ने ईट भट्ठा संचालकों को राहत देते हुए मिट्टी की रायल्टीकी दरों में न सिर्फ कमी कर दी है वरन कम हो रहे ईट भट़्ठा उद्योग को मजबूती देने की पहल की है। सीएम हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्टोर क्रशर नीति - 2015 में संशोधन विधेयक और ‘उत्तराखंड स्टोन क्रशर स्क्रीनिंग प्लांट मोबाइल स्टोन क्रशर अनुज्ञा नीति’ जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
विभागीय मंत्री नवप्रभात ने कैबिनेट में लिए गए निर्णय की बावत बताया कि अब स्टोन क्रशर संचालकों को एक निर्धारित सीमा तक ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना होगा। सरकार ने अब प्रदूषण की सीमाएं तय कर दी है। इसके अलावा स्टोन क्रशर मशीनों की क्षमता दो सौ मीट्रिक टन निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने खड़िया खनन को लेकर भी कई अहम निर्णय लिए है।
कैबिनेट ने खड़िया खनन के रायल्टी की दरें तय करने के साथ ही भंडारण को लेकर भी कई प्रावधान कर दिए हैं। खड़िया खनन कारोबारियों को अब कई जगहों की जगह एक ही जगह भंडारण करना होगा जिसका विभाग से लाइसेंस लेना होगा। लेकिन सरकार ने खनन को लेकर जो सबसे अहम निर्णय लिया है वह ईट भट़ठों के लिए मिट्टी के खदान के लिए रायल्टी की दरें कम करना है।
विभागीय मंत्री के मुताबिक रायल्टी की दरें अधिक होने की वजह से इसका सीधा असर ईट भट्ठा उद्योग पर पड़ रहा था। रायल्टी अधिक होने से ईटें मंहगी होने लगी थी। लेकिन अब जबकि रायल्टी की दरें घटायी गई हैं तो इसका असर कारोबार पर पड़ेगा। ईटें भी सस्ती होगी परिणाम स्वरूप आशियाना बनाना सस्ता होगा।
कालेधन पर पाबंदी से प्रॉपर्टी की कीमतों में आएगी गिरावट
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अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
कालेधन पर पाबंदी लगने से अपना आशियाना बनाने या खरीदने का सपना देख रहे लोगों की मुश्किलें कुछ आसान हो सकती हैं। कालेधन का इस्तेमाल न होने से अगले कुछ दिनों में प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। वहीं पैसा बढ़ने से हाउसिंग लोन मिलने में आसानी होगी। साथ ही लोन की ब्याज दरों में भी कटौती आएगी।
सामान्य तौर पर जमीनों की खरीद-फरोख्त सर्किल रेट से कहीं अधिक कीमत पर की जाती है। जबकि स्टांप ड्यूटी केवल सर्किल रेट पर दी जाती है। स्टांप ड्यूटी बचाने के फेर में अक्सर लोग अधिक मूल्य में खरीद-फरोख्त करते हैं जबकि उसकी रजिस्ट्री कम कीमत में की जाती है। बची हुई रकम का लोग कालेधन के रूप में लेन-देन करते हैं। इससे जमीनों और प्रॉपर्टी के रेट में बढ़ोतरी होती है।
केंद्र सरकार के स्तर से कालेधन पर लगाम लगने के बाद इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। इससे आने वाले कुछ दिनों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। कालाधन न लगने के कारण जमीनों की खरीद फरोख्त सर्किल रेट पर ही होगी। अलग से नगद के रूप में दिया जाने वाला कालाधन न लगने या उसमें कमी आने से कीमतों में भी स्वाभाविक कमी आएगी।
मौजूदा समय में अलग-अलग जगहों के सर्किल रेट और बाजार भाव में बहुत ज्यादा अंतर है। कहीं-कहीं यह अंतर दस से बीस गुना तक है। बाजार भाव में स्टांप ड्यूटी वाली रकम से ऊपर पूरे पैसे का लेन-देन नगद ही होता है।
अगले कुछ समय में फाइनेंसियल रिफॉर्म्स के सकारात्मक परिणाम दिखने लगेंगे। इसका सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा। कीमतों में कमी आएगी, जिसका फायदा लोगों को मिलेगा।
- डा. गौरव चौधरी, इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट
मौजूदा स्थितियों में हाउसिंग लोन की दरों में कमी आने की संभावना है। ब्याज दरों में कटौती का लाभ आम लोगों को मिलेगा। आरबीआई के निर्णयानुसार कार्रवाई की जा रही है।
- केशव राम, डिप्टी जोनल मैनेजर, देना बैंक