बरसात के दिनों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने उन स्कूलों व आंगनबाडी केंद्रों में छुट्टी रखने का फैसला लिया है, जो बरसाती नालों के आसपास बने हैं। जबकि उन स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी रहेगी जहां के बच्चों को नदी पार कर स्कूल पहुंचना होता है।
इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी व उपजिलाधिकारी को आपसी समन्वय से तत्काल अवकाश घोषित करने के लिए अधिकृत किया है। इसके लिए संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य व आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को आपदा के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करना होगा।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में कई ऐसे स्कूल हैं जो बरसाती नालों के आसपास बने हैं। कई बच्चों को नदी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। लेकिन बरसात के दिनों नदी-नालों के उफान पर होने से बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना मुश्किल काम होता है। ऐसे में मौसम विभाग की ओर से बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी करने और बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने पर नदी-नालों के आसपास के स्कूलों में छुट्टी की जएगी।
इसके लिए ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी व उपजिलाधिकारी खंड व तहसील स्तर पर स्कूलों में तत्काल अवकाश घोषित कर सकेंगे। कहा, भूस्खलन होने और आपदा आने पर भी संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्कूलों में अवकाश घोषित कर सकते हैं।
स्कूलों में सुबह की प्रार्थना में होगी डेंगू पर चर्चा
डेंगू की रोकथाम के लिए सभी निजी और सरकारी स्कूलों में डेंगू पर पांच मिनट चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को पूरी आस्तीन की शर्ट व पैंट पहनकर स्कूल आने को कहा जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया, बीते शुक्रवार को डेंगू की रोकथाम के लिए हुई बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसके निर्देश दिए थे। जिसके बाद यह व्यवस्था की गई है।