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इन बातों का ध्यान रखकर मनाएं सेफ होली

Wed, 04 Mar 2015 04:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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होली में कैमिकल वाले रंगों की एलर्जी और नुकसान से परेशान हैं तो हर्बल रंगों पर हाथ आजमाएं।
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इलाहाबाद से आए कलाकार 40 वर्षों से दून को हर्बल रंगों से सराबोर कर रहे हैं। अरारोट से बनने वाले रंग त्वचा और पर्यावरण के लिए मुफीद हैं। बाजार में इन दिनों लाल, पीला, हरा, गुलाबी, संतरी, बैंगनी और फिरोजी रंगों में खूब बिक रहे हैं।

मंगलवार को झंडा बाजार में कारीगरों से रंग तैयार करवा रहे प्रमोद जायसवाल ने बताया कि उनके पिता और दादा हर साल दून में होली के लिए रंग बनाने आते हैं। 40 वर्षों से पूरा परिवार हर्बल रंग बेचता है। शिवरात्रि के बाद वे यहां आकर रंग बनाने लगते हैं। प्राकृतिक होने से उनके रंग लोगों को पसंद आते हैं।
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प्रमोद के मुताबिक वह मक्के से बने अरारोट का इस्तेमाल कर हर्बल रंग तैयार करते हैं। इन रंगों को चाहें गीला इस्तेमाल करें या सूखा, आसानी से छूट जाते हैं। इनसे कोई एलर्जी या नुकसान भी नहीं होता है।

प्रदोष काल में होलिका दहन शुभ
इस बार सिंह, कन्या और तुला लग्न में होलिका दहन शुभ माना जा रहा है। होलिका दहन 5 मार्च बृहस्पतिवार रात को किया जाना है। किसी कारणवश प्रदोष काल में दहन नहीं हो पाए तो ज्योतिषियों के अनुसार पूर्णिमा तिथि खत्म होने से पहले जरूर कर लें।

चार मार्च की शाम से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, जो पांच मार्च की रात 11.25 बजे तक रहेगी। उत्तराखंड विद्वत सभा उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के मुताबिक 5 मार्च की सुबह 10.05 बजे के बाद होलिका पूजन शुभ रहेगा।

प्रदोष काल में शाम 6.15 बजे से 7.45 बजे तक सिंह और कन्या लग्न में होलिका दहन शुभ है। डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार जो प्रदोष काल में होलिका न जला पाएं, रात 9.10 बजे से 11.25 बजे तक तुला लग्न में दहन कर सकते हैं।

ऐसे करें होलिका पूजन
होलिका में जौ, चना आदि नया अनाज के साथ गोबर के उपले, कच्चा नारियल, अबीर-गुलाल चढ़ाएं। साथ ही सूत लपेटकर तीन फेरे लगाएं। माना जाता है कि इसी दिन चंद्रमा और सूर्य की उत्पत्ति भी हुई।

होली पर ऑन कॉल रहेंगे डाक्टर
होली के अवसर पर दून और कोरोनेशन अस्पताल के सभी डाक्टर ऑन कॉल रहेंगे। जरूरत पड़ने पर किसी भी डाक्टर को कभी भी बुलाया जा सकता है। हालांकि दोनों ही अस्पतालों में इमरजेंसी मेडिकल अफसर (ईएमओ) नहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि होली पर नियमित डाक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स के निदेशक डा.आरएस असवाल का कहना है कि अधिकतर इमरजेंसी मेडिकल अफसर संविदा पर थे। दो-तीन दिन पहले उनकी संविदा समाप्त हो गई है। प्रयास किया जा रहा है कि नए डाक्टर संविदा पर आ जाएं। अगर यह संभव नहीं हो पाएगा तो नियमित डाक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

वैसे सभी डाक्टर ऑन कॉल रहेंगे। इमरजेंसी मेडिकल अफसर के न होने से कोरोनेशन अस्पताल प्रबंधन भी परेशान है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. भारती राणा ने बताया कि इमरजेंसी में मरीजों के इलाज की व्यवस्था रहेगी। डाक्टर ऑन कॉल रहेंगे।
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लेकिन इमरजेंसी का फोन नंबर है खराब
होली के मौके पर दून और कोरोनेशन अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के फोन खराब पड़े हैं। आपात स्थिति में इन अस्पतालों से संपर्क कर पाना मुश्किल है।

कोरोनेशन की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. भारती राणा का कहना है कि बारिश की वजह से इमरजेंसी का फोन खराब है। इसकी शिकायत दर्ज करा दी गई थी, लेकिन फोन नहीं सुधरा। दून और कोरोनेशन अस्पताल प्रबंधन हेल्पलाइन के लिए यही खराब फोन नंबर बता रहे हैं।
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