प्रेम और सौहार्द के त्योहार होली की पूर्व संध्या पर होलिका दहन रविवार को किया जाएगा। शहरभर में सजी होलिका के दहन के लिए बच्चों से लेकर सभी लोगों में खासा उत्साह है। विभिन्न संगठनों और कॉलोनीवासियों की ओर से होलिका सजाई गई है। इस बार होलिका दहन में अशुभ माना गया भद्रा योग बाधा नहीं रहेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े आठ बजे तक रहेगा। इसके बाद चौघड़िया में शुभ, लाभ व अमृत के दौरान भी होलिका दहन किया जा सकता है। होलिका दहन के बाद 29 मार्च को लोग गुलाल लगा होली का पर्व मनाएंगे। होलिका दहन होली त्योहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है। वहीं ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि होलिका दहन के दिन भद्रा योग दोपहर एक बजे तक रहेगा। जबकि, होलिका दहन शाम को गोधुलि बेला के समय से शुरू होगा। कहा कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। बताया कि भगवान विष्णु ने जब नरसिंह का अवतार लेकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी, तब से होली का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है।