संपूर्णानंद सेंट्रल जेल में एक और कैदी एचआईवी/एड्स से ग्रसित है। तीन साल पहले हल्द्वानी कारागार से यहां लाया गया पहली पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में 10 साल की सजा पाने वाला 47 वर्षीय कैदी इस रोग का शिकार है।
तीन साल से यहां जेल में बंद एड्स रोगी आधी से अधिक सजा पूरी कर चुका है। जेल प्रशासन की ओर से इस कैदी की महीने में कई जांचें कराई जाती हैं। बताया जाता है कि यह कैदी सजा से पहले एक एनजीओ के जरिये नैनीताल जिले में एचआईवी/एड्स रोग के लक्षण और उससे बचाव के बारे में जागरूकता अभियान के रूप में काम करता था।
ऊधम सिंह नगर जिले के एक कैदी में एचआईवी/एड्स के लक्षण मिले हैं। कैदी की हल्द्वानी के एसटीएच में जांच कराई थी। रिपोर्ट अब एआरडी सेंटर को भेजी गई है। पुष्टि होने के बाद इलाज भी कराया जाएगा।
- जयंत पांगती, जेलर, संपूर्णानंद सेंट्रल जेल सितारगंज