अस्पताल में 2015 में छह, 2016 में 11, 2017 में आठ मरीज थे। 2018 में एचआईवी के नौ मरीज भर्ती हैं, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक अस्पताल में चार नए मरीज मिले हैं।
इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं, जबकि एक व्यक्ति की जांच चल रही। सरकारी अस्पताल में संचालित इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) की काउंसलर मनीषा खुल्बे ने बताया कि जानकारी से ही इस रोग से बचा जा सकता है। नियत अंतराल के बाद कई जगह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।