125 लोगों को मारने वाले गुलदार से दिलाई थी इस पेड़ ने लोगों को निजात दिलाई थी। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों का इस पेड़ से खास लगाव है। इस पेड़ पर अब संकट आ गया है, लेकिन इससे पहले पढ़िए इसकी दिलचस्प कहानी
2 मई 1925 को गुलाबराय में इसी आम के पेड़ पर मचान बनाकर जिम कार्बेट ने 125 लोगों को मारने वाले आदमखोर गुलदार को ढेर किया था। उन्होंने अपने जीवन में 33 आदमखोर गुलदारों को मौत के घाट उतारा था। बता दें कि वर्ष 1918 से 1925 तक बच्छणस्यूं, धनपुरी के गांवों सहित रुद्रप्रयाग, भाणाधार, पुनाड़, बर्सू, रतूड़ा, गौचर के ऊपरी तरफ के गांवों से लेकर कर्णप्रयाग तक गुलदार की जबरदस्त दहशत थी।
भारत सरकार की ऑल वेदर रोड परियोजना से ऐतिहासिक धरोहरों पर भी संकट मंडरा रहा है। इनमें रुद्रप्रयाग के गुलाबराय स्थित एक आम का पेड़ भी है। वर्ष 1925 में प्रसिद्ध शिकारी जिम कार्बेट ने इस पेड़ पर मचान बनाकर आमदखोर गुलदार को ढेर कर क्षेत्रीय जनता को निजात दिलाई थी।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर मुख्य बाजार से दो किमी पहले हाइवे पर यह पेड़ मौजूद है। इसी पेड़ के नीचे जिम कार्बेट पार्क बनाया गया है, लेकिन ऑल वेदर रोड से पार्क और पेड़ पर खतरा मंडरा रहा है। चिह्नित पेड़ों में यह धरोहर भी शामिल है। भले ही अभी इस पर निशान नहीं लगा है।
डेढ़ सौ वर्ष से अधिक उम्र के इस पेड़ के संरक्षण की मांग राज्य निर्माण के बाद से हो रही है। पेड़ की कई शाखाएं अब सूखने लगी हैं, लेकिन शासन, प्रशासन और विभाग द्वारा इसका संरक्षण नहीं किया जा रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी आलोकी ने बताया कि योजना के तहत आम के इस पेड़ का भी चिह्नीकरण हो रखा है, लेकिन कटान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैं। पेड़ के संरक्षण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पेड़ को बचाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। परियोजना अधिकारियों से जल्द वार्ता की जाएगी।