देहरादून की हिरेशा वर्मा को इस वर्ष अमेरिकन एंबेसी की ओर से महिला उद्यमियों के लिए आयोजित बिजनेस प्लान कंपटीशन में वी केन अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
यह अवार्ड पाने वाली वह उत्तराखंड की एकमात्र और देश की पांच महिलाओं में शामिल हैं। हिरेशा ने आईटी कंपनी छोड़कर मशरूम की खेती में हाथ आजमाया और आज खुद इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ ही 25 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया। मशरूम की खेती कर हिरेश ने खेती को घाटे का सौदा बताकर इससे मुंह मोड़ने वालों के सामने मिसाल पेश की है।
दून निवासी हिरेशा वर्मा की अपनी आईटी कंपनी थी, लेकिन इस कंपनी को छोड़कर उन्होंने वर्ष 2010 में मशरूम की खेती की शुरू की। छरबा गांव में उनका मशरूम का प्लांट हैं, जिसमें उन्होंने कई लोगों को रोजगार दिया है।