उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में आयोजित 22वीं कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) में पहली बार हिमालय की उपस्थिति दर्ज हुई और गिरिराज विश्व पटल पर छा गए।
दुनिया के 56 देशों ने हिमालय पर दी गई प्रस्तुति देखी और इसे समझा। अब अंतरराष्ट्रीय हिमालय वर्ष, अंतरराष्ट्रीय हिमालय दिवस घोषित किए जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली को प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। इसके साथ ही विश्व हिमालयन पार्टनरशिप की भी स्थापना की जाएगी। इसमें चीन, नेपाल समेत अन्य हिमालयी देश शामिल रहेंगे।
जलवायु परिवर्तन पर मोरक्को में हुई सीओपी-22 में जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट ने कॉन्फ्रेंस में हिमालय की प्रस्तुति दी। विश्व के देशों ने हिमालयी जैव विविधता, ग्लेशियर चक्र, पर्यावरण और आजीविका के संसाधनों को समझा। हिमालयी विविधताओं को देखकर देश चौंके।
इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. पीपी ध्यानी ने इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय हिमालय वर्ष, अंतरराष्ट्रीय हिमालय दिवस घोषित किए जाने और माउंटेशन पार्टनरशिप की तरह अलग से हिमालयन पार्टनरशिप का प्रस्ताव रखा। इस पर देशों की सहमति रही। अब यह प्रस्ताव केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के मार्फत संयुक्त राष्ट्र को भेजा जाना है।
इस संबंध में सीओपी-22 में लगे इंडियन पैवेलियन में विश्व के 140 देशों के प्रतिनिधियों ने हिमालय के विभिन्न पहलुओं के संबंध में जानकारी ली। यह भी तय हुआ कि अब जीबी पंत इंस्टीट्यूट प्रत्येक वर्ष कॉंफ्रेंस ऑफ पार्टीज में हिमालय की प्रस्तुति देगा। सीओपी-22के बाद इंस्टीट्यूट क्लाइमेट चेंज पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसी के लिहाज केंद्र प्रोग्राम बनाएगा।
पहली बार सीओपी-22 में हिमालय की उपस्थिति दर्ज हुई है। दुनिया का ध्यान हिमालय की ओर आकृष्ट हुआ है। अंतरराष्ट्रीय हिमालय वर्ष, अंतरराष्ट्रीय हिमालय दिवस तथा माउंटेन पार्टनरशिप की तर्ज पर हिमालयन पार्टनरशिप का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली को भेजा जा रहा है। विश्व के विज्ञानी, जलवायु परिवर्तन पर काम करने वाले संगठन हिमालय आएंगे।
- डा. पीपी ध्यानी, निदेशक जीबी पंत इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट