हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की चोटियों पर शनिवार को हुई बर्फबारी से मैदानों में ठंड बढ़ गई है। दोनों प्रदेशों के मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। इससे शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
मनाली और लाहौल की ऊंची चोटियों पर शनिवार सुबह बर्फबारी हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग में बर्फबारी का क्रम शुरू होने से अब दर्रे के बहाल होने की उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं। दो दिनों के भीतर रोहतांग में कुल 40 सेंटीमीटर बर्फ की मोटी परत जम गई है।
ऐसे में जनजातीय क्षेत्र के लोगों को लाहौल जाने के लिए एकमात्र हेलिकॉप्टर सेवा का सहारा लेना पड़ेगा। किन्नौर और चंबा जिले की चोटियों पर भी हिमपात हुआ। शुक्रवार रात केलांग का न्यूनतम तापमान माइनस 0.2 दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। 26 और 27 नवंबर को दोबारा बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बादल छाए रहे। शुक्रवार देर रात शुरू हुई बर्फबारी शनिवार सुबह नौ बजे तक हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
वहीं, पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ। हिमपात और दिनभर बादल छाए रहने से ठंड बढ़ गई है। मुनस्यारी और धारचूला की चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। डीडीहाट में भी काफी ठंड पड़ रही है। रात को पाला भी गिरने लगा है।
12 घंटे बंद रहा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग
जम्मू। स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टेब्लिशमेंट सेंटर ने अगले चौबीस घंटे में कश्मीर के बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा के बर्फबारी वाले संभावित क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी दी है। शनिवार को श्रीनगर समेत घाटी के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हुई। जम्मू संभाग में भी बादल छाए रहे। रामबन के डिगडोल व अन्य कई स्थानों पर शुक्रवार रात को पस्सियां गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे करीब 12 घंटे बंद रहा। इससे दोनों ओर से सैकड़ों वाहन फंसे रहे।