पड़ताल में पाया गया उक्त करीब 10 साल पुराना साउंड सिस्टम पुरानी तकनीक का था, जिससे यह दिक्कत हो रही है। आगामी सत्र की तैयारियों के दौरान यह मुद्दा एक बार फिर उठा। जिसके बाद स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल ने विधान भवन में आधुनिक तकनीक वाली ध्वनि प्रणाली लगाने के निर्देश दिए थे।
बीती सितंबर में हुए सत्र की तैयारियों के दौरान यह खामी पकड़ में आई थी। उस वक्त समय कम था, लिहाजा स्पीकर ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पत्राचार कर उक्त एफएम रेडियो का प्रसारण तीन दिनों के लिए बंद करवा दिया था। अब विधान भवन में करीब 50 लाख रुपये की लागत से नया साउंड सिस्टम लगवाया गया है। अब कोई समस्या नहीं रह गई है।
- जगदीश चंद्र, सचिव, विधानसभा।