वहीं, आपदा प्रबंधन के इंसीडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस) के नामित अधिकारियों को हाई अलर्ट रहने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि, एडीबी व बीआरओ को भी ताकीद किया गया है कि भारी बारिश व भूस्खलन से बाधित मोटर मार्गों को तत्काल खोला जाए। विभाग ने अगले 12 घंटे में देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में कहीं कहीं पर 60 से 70 किमी की रफ्तार से झक्कड़ आने की भी चेतावनी जारी की है।
सभी राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास व ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी हाई अलर्ट रहने को कहा गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना मोबाइल फोन किसी भी सूरत में स्विच ऑफ नहीं करेंगे और किसी भी तरह की आपदा या दुर्घटना की स्थिति में उसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराएंगे। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं असामान्य मौसम या भारी बारिश की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालय क्षेत्र में पर्यटकों काजने की इजाजत न दी जाए।
मौसम विभाग से अलर्ट प्राप्त होने के तत्काल बाद सभी जिलाधिकारियों को चेतावनी जारी कर दी गई है। उन्हें अगले दो-तीन दिन पूरी सतर्कता के साथ जुटने को कहा गया है। मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों की लगातार समीक्षा हो रही है।
-अमित सिंह नेगी, सचिव, आपदा प्रबंधन