सिटी बसों को तेज गति, बेतरतीब और खतरनाक ढंग से चलाने के मामले में उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, एसएसपी और सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
नेहरू कालोनी निवासी भूपेंद्र कुमार ने आयोग में इसकी शिकायत की थी। आयोग में की शिकायत में बताया कि देहरादून में सिटी बस के चालक सवारियां बैठाने के चक्कर में बहुत तेज गति से बस चलाते हैं।
कई जगह खतरनाक ढंग से कट मारने से भी नहीं चूकते हैं। सवारियां ढंग से बस से उतरी और चढ़ी भी नहीं होती हैं कि चालक बस चला देते हैं। पूर्व में इस तरह की लापरवाही से दुर्घटनाओं में कई बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है।
इसके बावजूद न ही सिटी बस चालक सुधर रहे न ही पुलिस और परिवहन इन पर कोई कार्रवाई कर रहा है। आयोग ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू कर दी है।
आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन और सदस्य डॉ. हेमलता ढौंढियाल मामले की सुनवाई कर रहे हैं। आयोग ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और एसएसपी को आदेश दिए हैं कि एक महीने के भीतर इस बारे में आयोग में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
साथ ही सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल को भी निर्देशित किया कि वह आयोग के समक्ष पक्ष रखें। आयोग ने सुनवाई की अगली तिथि 29 मार्च तय की है।