केदारनाथ में मानव कंकाल मिलने के मामले में जनहित याचिका पर पहले दिए गए आदेश का पालन सरकार ने नहीं किया। घाटी में लगातार नर कंकाल मिल रहे है, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए अब हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से 18 दिसंबर तक जवाब मांगा है।
उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव से 18 दिसंबर तक शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी और तपन सिंह को न्याय मित्र बनाया है।
केदारनाथ में मानव कंकाल मिलने के मामले में जनहित याचिका पर पहले दिए गए आदेश का पालन न करने पर उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव से 18 दिसंबर तक शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही अधिवक्ता जितेंद्र चौधरी और तपन सिंह को न्याय मित्र बनाया है।
उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 19 नवंबर 2016 को अपने आदेश में केदारनाथ आपदा में मारे गए लोगों के परिवार के नाबालिग बच्चों को बालिग होने तक 7500 रुपये प्रति माह देने, आपदा में मारे गए लोगों के शवों को खोजकर धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने, प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने को कहा था।
उच्च न्यायालय ने शवों की खोजबीन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्यों की विशेष टीम बनाने और शव मिलने पर डीएनए की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया था।