हाइकोर्ट ने पब्लिक स्कूल प्रबंधकों की ओर से छात्रों से हर साल प्रवेश के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिए जाने के मामले में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से जवाब-तलब किया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सीबीएसई को सात जून तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष हुई। काठगोदाम स्थित हरबिलास सदन की संस्था स्टूडेंट एसोसिएशन सोसाइटी के संस्थापक पंकज खत्री ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पब्लिक स्कूलों की ओर से हर साल छात्रों से पुन: प्रवेश के नाम पर ड्रेस, स्पोर्ट्स आदि के जरिए अतिरिक्त फीस वसूली जाती है।
स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से अपनी निर्धारित दुकानों से ही ड्रेस और स्टेशनरी सामग्री खरीदने का मजबूर करते हैं। इन दुकानों से स्कूल प्रबंधकों को कमीशन मिलता है। बच्चों को महंगी ड्रेस और स्टेशनरी सामग्री खरीदनी पड़ती है। याचिका में कहा गया कि अभिभावक संघ की आपत्ति के बाद भी पब्लिक स्कूलों की मनमानी जारी है।