उच्च न्यायालय ने देहरादून की विवादों में घिरी जमीन के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जिला जज देहरादून के आदेश पर रोक लगाते हुए नगर निगम देहरादून को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सहारनपुर निवासी मोहम्मद तारिक ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी करनपुर (देहरादून) में तीन बीघा जमीन पर नगर निगम कब्जा कर रहा है। याची की ओर से नगर निगम को कब्जा करने से रोके जाने की प्रार्थना की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि दो नवंबर को एडीजे प्रथम देहरादून की कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा का आदेश पारित किया था। इस आदेश के खिलाफ नगर निगम ने अपील दायर की। जिस पर प्रभारी जिला जज देहरादून की कोर्ट ने 12 दिसंबर को एडीजे प्रथम के आदेश पर रोक लगा दी।
निचली कोर्ट के इस आदेश को याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी। याची का कहना था कि अपील में उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना ही यह आदेश नगर निगम के पक्ष में कर दिया। एकलपीठ ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाते हुए नगर निगम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।