हिमाचल के कुछ लोगों ने उसको मर्चेंट नेवी में भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख लेकर मलेशिया में नौकरी के लिए भेज दिया। वहां वीरेंद्र को मर्चेंट नेवी में नौकरी देने के बजाय किसी घर में काम पर रख दिया गया। उसका घर से संपर्क नहीं होने पर पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है और उसको वापस घर लाने की मांग की है।
इधर, अब पता चला है कि उसको मलेशिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह पता करे कि किस आरोप में वीरेंद्र को मलेशिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है।