नदियों को बचाने की मुहिम के बाद अब हाइकोर्ट ने अवैध खनन के मामले को उठाया है। एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कोसी और दाबका में अवैध खनन रोकने के लिए जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, खनन अधिकारी और प्रभागीय वन अधिकारी की संयुक्त कमेटी का गठन किया है। कोर्ट ने कहा है कि सभी अधिकारी संयुक्त रूप से अवैध खनन को रोकने के लिए कार्रवाई करेंगे।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने मोदा राम, इंद्र राम सहित अन्य की जनहित याचिका पर यह फैसला सुनाया। याचिका में कहा गया था कि कोसी नदी और दाबका नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। अवैध खनन के कारण इलाके के कई गांवों में हर साल बाढ़ आ रही है तथा वहां की फसलें बरबाद हो रही हैं। यहां से रेता, बजरी आदि की सप्लाई पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में की जा रही है।
पूर्व में कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर के एसएसपी सदानंद दाते को अवैध खनन को रोकने के लिए तलब किया था। कोर्ट की खंडपीठ ने पूर्व में अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार व अन्य विभाग से सुझाव मांगे थे। इस पर सरकार और एसएसपी की ओर से सुझाव दिए गए। पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने अवैध खनन को रोकने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई।