हाइकोर्ट ने वन विभाग की ओर से किए गए दक्षिण अफ्रीका टूर की जांच कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सरकार की ओर से जवाब दाखिल न किए जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही याचिकाकर्ता को 12 जून तक प्रति शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।
सोमवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दिल्ली निवासी जयप्रकाश डबराल ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एनडी तिवारी की कांग्रेस सरकार में वन मंत्री रहे नवप्रभात, विधायक शैलेंद्र मोहन , मुख्य वन संरक्षक और होटल मालिकों ने इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के नाम पर दक्षिण अफ्रीका का परिवार सहित दौरा किया और लाखों रुपये अपने पर खर्च कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
याचिकाकर्ता ने मामले की जांच कराने की प्रार्थना की थी। इस प्रकरण पर पूर्व में कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। सरकार की ओर से जवाब दाखिल न करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए।