रद्द किए आदेश
10 फरवरी 2021 को शासन ने एक अन्य आदेश जारी किया, जिसमें 15 जनवरी 2021 के आदेश को रद्द कर दिया। आदेश में कहा गया कि सरकार की ओर से एनआईओएस से डीएलएड को शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया गया है। शासन के इस आदेश के खिलाफ एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने पिछले महीने अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं करने के 10 फरवरी के आदेश को रद्द कर दिया। इस पर विभाग ने विधि विभाग से सुझाव मांगा था।
शिक्षक भर्ती को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर विधि विभाग से सुझाव मांगा था, विधि विभाग ने इस फैसले पर अपील में जाएं या नहीं इसे स्पष्ट किए बिना हाईकोर्ट के आदेश को ज्यों का त्यों भेज दिया। अब इसे फिर से विधि विभाग को आवश्यक सुझाव के लिए भेजा जा रहा है।
-रविनाथ रमन, शिक्षा सचिव
शिक्षक भर्ती पर विधि विभाग की ओर से कहा गया है कि शिक्षा विभाग इस मामले में जो चाहे करे। 11 अक्तूबर को इस पर अधिकारियों की बैठक बुलाई है जो प्रदेश के युवाओं के हित में होगा वह किया जाएगा।
-डा.धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
बेरोजगार पिछले कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग और सरकार हमारे मामले में उदासीन है, सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं गई तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
-जयवीर, बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार
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सरकार हाईकोर्ट के फैसले पर अमल करते हुए एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में शामिल करें।
-नदंन सिंह बोरा, याचिकाकर्ता