नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सीएम के सचिव के चर्चित स्टिंग ऑपरेशन के मामले में दायर जनहित याचिका बंद कर दी। एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस प्रकरण की जांच के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और उसकी जांच चल रही है।
इस बयान के आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेशित किया है यदि वह जांच से असंतुष्ट हो तो दोबारा प्रार्थना पत्र दे सकता है।
पूर्व संयुक्त सचिव की याचिका पर सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। पूर्व संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर एफएल-2 मामले में स्टिंग में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
दोबारा खुलवा सकते हैं याचिका
सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट जनरल यूके उनियाल ने कोर्ट में तर्क रखा कि इस प्रकरण में पहले ही जांच करने के निर्देश दिए जा चुके है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एडवोकेट जनरल के बयानों के आधार पर याचिका को बंद करते हुए याची को आदेशित किया है कि यदि वह जांच से संतुष्ट नहीं हो तो इस याचिका को दोबारा खुलवाने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकता है।