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HC ने केंद्र से पूछा, को-ऑपरेटिव में क्यों जमा नहीं हो रहे 500-1000 के नोट?

Wed, 07 Dec 2016 01:15 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
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कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो
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नैनीताल हाईकोर्ट ने जिला सहकारी बैंकों में 500 और एक हजार के नोट जमा करने पर पाबंदी के मामले में केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर को होगी।
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मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश  के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंड पीठ ने हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता नीरज तिवारी की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

याचिका में तिवारी ने कहा था कि सरकार ने नौ नवंबर 2016 से 500 व 1000 के नोटों को बंद कर कहा था कि नोट बैंकों, जिला सहकारी बैंको और समितियों में जमा कराए जा सकते हैं। 14 नवंबर को रिजर्व बैंक ने अधिसूचना जारी कर सहकारी बैंकों एवं सोसायटी में नोट जमा कराने पर पाबंदी लगा दी थी।
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किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के हैं अधिकांश खाते

कोर्ट - फोटो : amar ujala
याचिकाकर्ता का कहना था कि सहकारी बैंकों में अधिकतर खातेदार किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। नोटबंदी के बाद सहकारी बैंकों में 500 और एक हजार रुपये के नोट पर लगी पाबंदी से किसानों की फसल का पैसा और लोन सहकारी बैंकों में जमा नहीं हो पा रहा है।

अगली फसल बोने के लिए किसान के पास पैसे भी नहीं है। इससे आने वाले समय में खाद्यान की समस्या हो सकती है। याचिकाकर्ता का कहना था कि इससे फसलों की बुआई तक प्रभावित हो रही है।

किसान बैँकों से कर्ज नहीं ले पा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने केंद्र से अपने इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तिथि नियत की।
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