हाईकोर्ट ने सेना को बुग्यालों में रात में ठहरने और गश्त करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि बुग्यालों में स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखा जाए और आवास पूरी तरह से अस्थायी ही बनाए जाएं।
पूर्व में चमोली की अल वेदनी बुग्याल संघर्ष समिति की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने बुग्यालों में रात में ठहरने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। कोर्ट के इस आदेश से सेना का मूवमेंट भी प्रभावित हुआ। इसे देखते हुए सेना ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
सेना का कहना था कि उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों और बुग्यालों में गश्त करने से भी रोका जा रहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को अपने पूर्व के आदेश में आंशिक संशोधन किया। पीठ ने कहा कि बुग्यालों की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि नियत की है।