मानसून काल में माइग्रेशन पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित गांवों में गए लोगों की समस्याओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने धारचूला की व्यास घाटी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को मंजूरी दे दी है।
धारचूला से बूंदी और गुंजी तक 3100 रुपये किराया लिया जाएगा। आपदा में फंसे लोगों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। हेली सेवा अगले एक माह तक संचालित रहेगी। मानसून काल में धारचूला के सैकड़ों परिवार व्यास, दारमा और चौदास घाटियों में स्थित मूल गांवों के लिए माइग्रेशन करते हैं। इस दौरान अतिवृष्टि से भूस्खलन के कारण मार्ग बंद होने, बीमार लोगों के उपचार की कोई सुविधा नहीं होने से तमाम परेशानियों से दो चार होना पड़ता है।