प्रदेश में कम दूरी की हवाई सेवा और केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा संचालन के लिए पूर्ववर्ती सरकार की ओर से सेफ इंडिया फ्लाई एविएशन लिमिटेड से किए गए एग्रीमेंट को निरस्त कर दिया गया है। मुख्य सचिव एस. रामास्वामी की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने को आधार बनाते हुए एग्रीमेंट निरस्त करने की बात कही गई है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश में कम दूरी की हवाई सेवा शुरू करने का फैसला लिया था। इसके लिए उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) ने 18 नवंबर 2016 को टेंडर डाला था। तब सरकार ने इस हवाई सेवा के साथ केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा को भी मर्ज कर दिया था।
यूकाडा की ओर से जारी टेंडर में इंडिया फ्लाई सेवा एविएशन लिमिटेड को संचालन का जिम्मा दिया गया था। तभी टेंडर नहीं मिलने पर केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों ने इसका विरोध कर दिया था। सरकार पर आरोप लगा कि इस कंपनी को काम देने के लिए यूकाडा ने टेंडर की शर्तों में उसकी सुविधा के मुताबिक संशोधन किया।
तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने टेंडर को निरस्त करने की मांग उठाई थी। भाजपा नेताओं ने चुनावों में भी दावा किया था कि अगर उसकी सरकार आई तो इस एग्रीमेंट को निरस्त किया जाएगा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही एग्रीमेंट करने वाले नागरिक उड्डयन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम को इस विभाग से हटा दिया गया था। खुद मुख्य सचिव एस, रामास्वामी इस विभाग को देख रहे हैं।
मुख्य सचिव ने टेंडर और एग्रीमेंट से संबंधित फाइल कई दिन पहले ही तलब कर ली थी। मुख्यत: एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन, खास तौर पर 10 मार्च तक हवाई सेवा शुरू करने की शर्त का पालन न करने का आधार लेते हुए हेलीसेवा का एग्रीमेंट निरस्त कर दिया।
निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किए जाने की वजह से हेलीसेवा के लिए जारी किया गया टेंडर निरस्त कर दिया गया है। सरकार की सहमति से अब नया टेंडर जारी किया जाएगा।
- एस.रामास्वामी, मुख्य सचिव
केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा भी अधर में
हेलीसेवा का टेंडर निरस्त किए जाने से केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा भी अधर में लटक गई है। चारधाम यात्रा अब शुरू होने को है, लेकिन अभी तक तय नहीं है कि केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सुविधा कब से शुरू होगी और इसे कौन उपलब्ध कराएगा। पिछले सीजन के दौरान 13 कंपनियों ने केदारनाथ के लिए हेली सेवा उपलब्ध कराई थी। अब अगर सरकार दोबारा टेंडर जारी करती है तो कंपनी का चयन करने में वक्त लगेगा।
ये शर्तें नहीं हुईं पूरी
- 28 दिसंबर को कंपनी के साथ एग्रीमेंट हुआ था। इसमें एक महीने में सेवाएं आरंभ करने की बात कही गई थी। मगर आचार संहिता और कर्णप्रयाग चुनाव के चलते पत्र दोबारा जारी किया गया, जिसमें दस मार्च तक सेवा शुरू करने को कहा गया था।
- जौलीग्रांट के अलावा पंतनगर, नैनी सैनी और चिन्याली सौड़ से कम से कम सप्ताह में दो उड़ानें भरने की बात भी एग्रीमेंट में कही गई थी।
- कंपनी को इस बात के भी प्रमाण देने थे कि उनके पास फिक्स्ड विंग का नौ सीटर एयरक्राफ्ट और पांच-पांच सीटर दो लाइट हेलीकॉप्टर हैं, जिन्हें डीसीसीए से क्लियरेंस मिली हो।
- इसके अलावा हवाई यात्रा को शुरू करने के लिए डीजीसीए की क्लियरेंस भी होनी चाहिए, जो नहीं उपलब्ध कराई जा सकी।
- इस बात का भी कागजी प्रमाण देना था कि कम से कम चार ट्रेंड पायलट हेली कंपनी में ऑन रोल इंप्लाई होने चाहिए, जो कम से कम छह माह से कंपनी में नौकरी कर रहे हों।