उत्तराखंड में इसी माह से हेली एंबुलेंस सेवा शुरू हो जाएगी। सिविल एविएशन कंपनी को कार्य आवंटित कर सरकार 26 जनवरी से इस सेवा का शुभारंभ करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश को हेली एंबुलेंस सेवा के लिए पांच करोड़ का बजट स्वीकृत है। उधर, स्थायी रूप से सेवा शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हेली एंबुलेंस सेवा का ट्रायल करने के बाद सरकार शीघ्र ही इस सेवा को शुरू करने जा रही है। हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने में उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा। इस सेवा के शुरू होने से प्राकृतिक आपदा व अन्य दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। एक या दो स्ट्रेचर की क्षमता वाले एयर एंबुलेंस से इस सेवा को प्रदेश में शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बजट उपलब्ध होने से सरकार का प्रयास है कि इसी माह से प्रदेश में हेली एंबुलेंस को शुरू किया जाए।
आगामी वित्तीय वर्ष में एंबुलेंस सेवा का विस्तार किया जाएगा और चारधाम यात्रा के दौरान भी एंबुुलेंस की सेवा उपलब्ध होगी। उधर, सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा का कहना है कि हेली एंबुलेंस सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 26 जनवरी से प्रदेश में इस सेवा को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बजट स्वीकृत है। एक बार प्रदेश में यह सेवा शुरू हो जाती है तो आगामी वित्तीय वर्ष से इसमें और सुधार किया जाएगा। प्रदेश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना होने से हेली एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे कम समय में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।