उत्तराखंड में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी मंगलवार को थम गई, लेकिन ऊंची चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। केदारनाथ धाम में सात फीट तो बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में दो-फीट बर्फ जम गई है।
गंगोत्री-यमुनोत्री घाटी के ऊंचाई वाले गांव बर्फ से ढक गए हैं। मंगलवार देर शाम तक यहां करीब एक फीट बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी से गंगोत्री हाईवे पर सुक्की और यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी से आगे वाहनों की आवाजाही थम गई है। बदरीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग जिले के जावड़ी में मलबा आने से बाधित हो गया है।
जिले में दिनभर मौसम बदलता रहा। सुबह बारिश होने के बाद पूर्वाह्न 11.30 बजे बारिश थम गई। इसके बाद आसमान में हल्के बादल छा गए। अपराह्न तीन बजे हल्की धूप खिलने के साथ ही आसमान साफ हो गया। शाम को फिर आसमान में हल्के बादल छा गए।
बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। वहीं बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पूर्वाह्न करीब 11.25 बजे रुद्रप्रयाग-घोलतीर के बीच शिवानंदी में आधे घंटे तक बाधित रहा। देर शाम जवाड़ी बाईपास के मलबा आने से हाईवे फिर बंद हो गया। रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग जिला कार्यालय व सनबैंड के बीच भी करीब 45 मिनट तक बंद रहा।
बर्फ से ढंकी नंदी की प्रतिमा
जिले की ऊंची चोटियों के बर्फ से ढकने से निचले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में दो-दो फीट बर्फ जम गई है। औली, गौरसौं बुग्याल, चोपता, कांचुलाखर्क, रुद्रनाथ, अनसूया मंदिर, मंडल, लाल माटी और नंदा घुंघटी की चोटियों पर भी जमकर बर्फबारी हुई। जोशीमठ के सुनील गांव में भी दो इंच तक बर्फ जम गई है।
निजमुला के पाणा, ईराणी, झींझी और पगना गांवों में भी करीब तीन इंच बर्फ जम गई है। इन गांवों में पेयजल लाइनें भी बर्फ में जम गई हैं, जिससे ग्रामीण अपने और अपने मवेशियों के लिए बर्फ को आग से पिघलाकर प्यास बुझा रहे हैं।
केदारनाथ धाम में दो दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी से पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो गए हैं। हालांकि निम द्वारा बर्फबारी के बीच संपर्क मार्गों और हट्स से बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है। दो दिन से लगातार बर्फबारी के कारण चार फीट ताजा बर्फ जमने से धाम में लगभग सात फीट बर्फ जम गई है।
केदारनाथ मंदिर परिसर में नंदी की प्रतिमा भी बर्फ में दब गई है। केदारनाथ धाम में तैनात निम के रंजित नेगी ने बताया कि दो दिन से लगातार मौसम खराब होने से बर्फबारी जारी है, जिससे ठंड बढ़ गई है। धाम में मौसम काफी ठंडा हो गया है।
झमाझम बरसे बादल, कड़ाके की ठंड
सोमवार रात को पहाड़ों में जमकर बारिश हुई। थराली तहसील के देवाल ब्लाक के बुग्यालों में बर्फबारी हुई। मंगलवार दोपहर बाद बारिश थमने से मौसम खुला, लेकिन पिंडर घाटी और गैरसैंण में कड़ाके की ठंड पड़ने से लोग घरों में दुबके रहे।
बारिश से मकान की छत क्षतिग्रस्त
क्षेत्र में दो दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगातार बारिश से सोमवार रात आठ बजे जौरासी गांव के राकेश लाल के दो कमरों के मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान राकेश, उसके दो बच्चे और पत्नी रसोई में खाना खा रहे थे, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं, पोखरी के मोहनखाल, नैल, नौली, कलसिर, डाडों, कुजणी, गोदली और थलगढ़ गांवों में करीब दो इंच बर्फ जम गई है। कड़ाके की ठंड पड़ने से ग्रामीण दिनभर घरों में दुबके रहे।
उपला टकनौर में डेढ़ फीट बर्फ, लोग घरों में कैद
जिले में सोमवार रात से निचले क्षेत्रों में बारिश, तो ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। यमुनाघाटी में यमुनोत्री धाम की पहाड़ियों के साथ सरनौल और सरबडियार क्षेत्र के गांवों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। मोरी क्षेत्र में हरकीदून सांकरी क्षेत्र में एक फीट से ज्यादा बर्फ गिर चुकी है। मुखबा गंगा मंदिर के पुजारी सुंधाशू सेमवाल ने बताया कि बर्फबारी के साथ तेज हवा चलने से उपला टकनौर क्षेत्र में घरों की दीवारों पर भी बर्फ चिपक गई है। यहां एक से डेढ़ फीट बर्फ गिरने से लोग घरों में कैद हो गए हैं। राइंका हर्षिल में तैनात शिक्षक धीरज रवि ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण हर्षिल बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला मुख्यालय एवं डुंडा क्षेत्र में दिन के समय ओलावृष्टि हुई।
बारिश से लुढ़का तापमान
नई टिहरी में सोमवार रात हुई झमाझम बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को दिन भर रिमझिम बारिश होती रही। ऊं चाई वाले क्षेत्र गंगी, गेवाली, सुरकंडा और आसपास के क्षेत्रों में हल्का हिमपात हुआ। लेकिन बर्फ टिक नहीं पाई। नगर पालिका की ओर से नगर क्षेत्र नई टिहरी, बौराड़ी बस अड्डा, सांई चौक, मोलधार में और नगर पंचायत चंबा की ओर से भी अलग-अलग स्थानों पर अलाव जलाए गए है।
चट्टान टूटने से बलदौड़ा में बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
जोशीमठ में सोमवार रात को हुई भारी बारिश से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बलदौड़ा के पास चट्टान टूटने से मंगलवार को दिनभर बंद रहा। ऐसे में पांडुकेश्वर, गोविंदघाट और हनुमान चट्टी के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बलदौड़ा के पास चट्टान का एक हिस्सा टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर आ गया। हाईवे को सुचारु करने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूर दिनभर लगे रहे, लेकिन बोल्डर और मलबा अधिक मात्रा में आने से देर शाम तक हाईवे नहीं खोला जा सका।