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गढ़वाल में भारी बर्फबारी, 200 गांव अलग-थलग

Wed, 17 Dec 2014 09:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार (पौड़ी)
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पौड़ी जिले की बीरोंखाल और नैनीडांडा की पहाड़ियों पर रविवार रात हुई बर्फबारी गढ़वाल के 200 गांवों पर भारी पड़ रही है। बर्फबारी के तीन दिन बाद भी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है।
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कुमाऊं को गढ़वाल से जोड़ने वाले बुआखाल-काशीपुर नेशनल हाईवे-121 तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सका है। हाईवे पर कई किमी तक बर्फ जमी होने तथा टूटकर गिरे बडे़-बडे़ पेड़ हटाने में हाईवे प्राधिकरण को पसीने छूट रहे हैं। तीन दिन से बर्फ को हटाने में नाकाम प्राधिकरण अब बर्फ पिघलने का इंतजार कर रहा है।

पौड़ी जिला प्रशासन और सरकारी मशीनरी तीन दिन बाद भी बर्फबारी की दुश्वारियां झेल रही बीरोंखाल और थलीसैंण की जनता को राहत नहीं पहुंचा सकी है। भारी बर्फबारी से यह पूरा इलाका अलग-थलग पड़ गया है।
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इन दोनों विकासखंडों के 200 गांवों में बिजली आपूर्ति एकदम ठप पड़ी है। क्षेत्र की लाइफ लाइन बुआखाल-काशीपुर नेशनल हाईवे दीबा से भटवाडू के पास करीब पांच किमी के पैच में बर्फ जमने से और बडे़ पेड़ टूटने से बंद है। सरकारी मशीनरी बर्फ हटाना तो दूर यहां तक पहुंच तक नहीं पाई है।
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दूध और सब्जी के लिए तरसे ग्रामीण

धुमाकोट। चौथान पट्टी को यातायात संपर्क से जोड़ने वाले वेदीखाल-भरोलीखाल मार्ग को लोनिवि बैजरों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से खोल दिया है। तीसरे दिन मार्ग खुलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

दर्जनों गांवों की लाइफलाइन थलीसैंण-पीठसैंण मोटर मार्ग बर्फबारी के चलते तीसरे दिन भी बंद रहा। इससे ग्रामीणों को धुमाकोट से 20 किमी दूर बीरोंखाल जाने के लिए करीब 80 किमी का फेरा लगाते हुए वाया रिखणीखाल होकर जाना पड़ा, जिसमें अनावश्यक पैसा और समय लग रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि लोग दूध, सब्जी के लिए तरस गए हैं। तीसरे दिन भी स्यूंसी बिजली घर से विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी। बीरोंखाल की 102 ग्राम पंचायत और थलीसैंण की करीब 46 ग्राम पंचायतें बर्फबारी की चपेट में हैं।

धुमाकोट की ओर से जेसीबी बर्फ हटाने में लगाई गई है। ठेकेदारों को पुराना भुगतान नहीं हो पाने से जेसीबी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। हाईवे को जल्द खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
-अरुण कुमार, ईई एनएच खंड धुमाकोट
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