पौड़ी जिले की बीरोंखाल और नैनीडांडा की पहाड़ियों पर रविवार रात हुई बर्फबारी गढ़वाल के 200 गांवों पर भारी पड़ रही है। बर्फबारी के तीन दिन बाद भी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है।
कुमाऊं को गढ़वाल से जोड़ने वाले बुआखाल-काशीपुर नेशनल हाईवे-121 तीसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सका है। हाईवे पर कई किमी तक बर्फ जमी होने तथा टूटकर गिरे बडे़-बडे़ पेड़ हटाने में हाईवे प्राधिकरण को पसीने छूट रहे हैं। तीन दिन से बर्फ को हटाने में नाकाम प्राधिकरण अब बर्फ पिघलने का इंतजार कर रहा है।
पौड़ी जिला प्रशासन और सरकारी मशीनरी तीन दिन बाद भी बर्फबारी की दुश्वारियां झेल रही बीरोंखाल और थलीसैंण की जनता को राहत नहीं पहुंचा सकी है। भारी बर्फबारी से यह पूरा इलाका अलग-थलग पड़ गया है।
इन दोनों विकासखंडों के 200 गांवों में बिजली आपूर्ति एकदम ठप पड़ी है। क्षेत्र की लाइफ लाइन बुआखाल-काशीपुर नेशनल हाईवे दीबा से भटवाडू के पास करीब पांच किमी के पैच में बर्फ जमने से और बडे़ पेड़ टूटने से बंद है। सरकारी मशीनरी बर्फ हटाना तो दूर यहां तक पहुंच तक नहीं पाई है।