उत्तराखंड में बुधवार को भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई। अकेले राजधानी देहरादून में अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। वसंत विहार क्षेत्र में मकान का पुश्ता ढ़हने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। रिस्पना नदी का जलस्तर बढ़ने से दो लोग बह गए, जिनके शव कुछ ही दूरी पर बरामद किए गए। वहीं, सहसपुर क्षेत्र में भी पानी के बहाव में एक व्यक्ति बह गया, जिसकी मौत हो गई।
राजधानी देहरादून और आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार आधी रात के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। विशेषकर मसूरी और उससे लगे इलाकों में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे रिस्पना और बिंदाल नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया। कई जगह लोगों के घरों में पानी भरने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा शहर में अलग-अलग स्थानों पर पानी भरने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
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वसंत विहार के शास्त्री नगर खाला में मकान का पुश्ता ढ़हने से संतोष साहनी (35), सुलेखा देवी (30), धीरज कुमार (05) और नीरज कुमार (03) की मौत हो गई। वहीं, प्रमोद साहनी (35) और जगदीश साहनी (70) को घायल अवस्था में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, बलवीर रोड निवासी राजेश सुबह रिस्पना नदी के तेज बहाव में बह गया। कुछ देर बाद राजेश का शव मोथरोवाला क्षेत्र में दौड़वाला के पास मिला। रायपुर क्षेत्र में भी एमडीडीए कॉलोनी निवासी नफीस (50) भी रिस्पना नदीं में बह गया, जिसका शव क्लेमेंटटाउन क्षेत्र से लगे दूधली में मिला। सहसपुर में शीतला नदी के रपटे में अब्दुल अजीज (65) बह गया, कुछ ही दूरी पर पुलिस ने उसका शव बरामद कर लिया।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मसूरी क्षेत्र में 192.3, सर्वे चौक (देहरादून) में 112, कपकोट (बागेश्वर) में 110, धारचूला में 69, टिहरी में 60.8 और मुनस्यारी में 57 मिमी बारिश हुई। हालांकि प्रदेश के कई अन्य इलाकों में बहुत कम बारिश हुई। प्रदेश में औसतन 16.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज भी कुमाऊं के लगभग सभी और गढ़वाल के चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि आज भी पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।