थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में बुधवार शाम बारिश के दौरान पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर गिर गया। बोल्डर को पोकलैंड और ब्रेकर मशीन से तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी उसे तोड़ा नहीं जा सका। बाद में बोल्डर को सड़क पर गड्ढा खोदकर उसमें डाला गया। अब लोनिवि की टीम पहाड़ी पर 40 मीटर सड़क काटने में जुट गई है।
बुधवार शाम से क्षेत्र में हो रही बारिश के बीच रातीगाड़ में पहाड़ी से विशाल बोल्डर गिर गया। बृहस्पतिवार सुबह से ही पोकलैंड एवं ब्रेकर मशीन से उसे तोड़ने और पहाड़ी से लुढ़काने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में बोल्डर को सड़क किनारे ही गड्ढा खोदकर उसमें गहराई तक नीचे डाल दिया। इससे सड़क को भी मजबूती मिल गई। दोपहर दो बजे बाद लोनिवि ने पहाड़ी काटकर 40 मीटर सड़क बनाने का कार्य शुरू किया। लोनिवि के जेई योगेश चौबे ने बताया कि यदि मौसम ठीक रहा तो शुक्रवार शाम तक पहाड़ी काटकर सड़क हल्के वाहनों के लिए खोल दी जाएगी। उधर, कक्कड़ सिंह बैंड पर ध्वस्त सड़क को बनाने का कार्य अभी शुरू नहीं किया जा सका है। रातीगाड़ में सड़क बनाने के बाद ही कक्कड़ सिंह बैंड में कार्य शुरू किया जाएगा।
थल-मुनस्यारी सड़क बंद होने से तल्ला जोहार के क्वीटी और मडलकिया न्याय पंचायत के 24 ग्राम सभाओं के लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। देकुना, मसूरीकांठा, होकरा, गोला, खोयम, डोर, बला, सैंणरांथी आदि गांवों को लोगों को सब्जी और जरूरी घरेलू सामान, इलाज आदि के लिए 30 किमी दूर सामा एवं बागेश्वर जाना पड़ रहा है। यदि सामा-कपकोट रोड बंद होती है तो ग्रामीणों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।