पहाड़ में बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश ने कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। चमोली जिले की नीती घाटी में भारी बारिश से ऋषि गंगा उफान पर आ गई, जिससे रैणी गांव स्थित 13 मेगावाट की ऋषि गंगा जल विद्युत परियोजना का पॉवर हाउस मलबे में दब गया और बैराज क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, परियोजना में विद्युत उत्पादन करने वाली टरबाइन और दो वाहन भी मलबे में दब गए।
उधर, बदरीनाथ हाईवे तीसरे दिन भी बाधित रहा। बृहस्पतिवार को भारी बारिश से लामबगड़ के साथ ही पागल नाला और कंचन गंगा में मलबा आने से हाईवे दिनभर अवरुद्ध रहा।
रुद्रप्रयाग जिले में पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से केदार यात्रियों को रास्ते में सुरक्षित ठिकाने पर रोकना पड़ा। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग छोटी और बड़ी लिनचोली के बीच 30 फीट ध्वस्त हो गया है। इसके बाद प्रशासन ने केदारनाथ जा रहे और धाम से दर्शन कर लौट रहे यात्रियों को लिनचोली और केदारनाथ में रोक दिया है।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे तिलगाड गदेरे में उफान आने से हर्षिल में बाधित हो गया। यहां जलागम क्षेत्र में हुई भारी बारिश से गंगोत्री हाईवे पर गदेरे को पार करते समय एक बाइक सवार तो किसी तरह बच गया, किंतु उसकी बाइक भागीरथी में बह गई। जबकि एक मैक्स पेड़ पर अटक गई। यमुनोत्री हाईवे दिनभर फूलचट्टी तथा असनोल गाड में बंद रहा। वहीं, टिहरी जिले में घनसाली-कोटी अखोड़ी और घनसाली-टिहरी-प्रतापनगर समेत करीब 30 मुख्य और ब्रांच सड़कें मलबा आने से बाधित है।