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उत्तराखंड: लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई मुसीबतें, मलबा आने से रास्ते हुए बंद, 24 घंटे का अलर्ट जारी

Mon, 27 Aug 2018 09:26 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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rain effect
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पिछले तीन दिनों से उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह आए मलबे और बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, प्रदेश के अन्य इलाकों में भी रविवार सुबह से ही बारिश हो रही है।

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अलर्ट के बाद कुमाऊं और उससे लगे सीमावर्ती जिलों में बहुत भारी बारिश जारी है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों और कुमाऊं के निचले क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।



    

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rain effect
वहीं रविवार सुबह थल मुनस्यारी मार्ग पर मलबा आने से रास्ता बंद हो गया है। इसके कारण कई गांव के संपर्क मार्ग टूट गए हैं। नैनी गांव के पास पेड़ गिरने से भी रास्ता बंद हो गया है। वहीं गढ़वाल के कोटद्वार में शनिवार को आई बाढ़ के बाद रविवार को भी बारिश से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बता दें कि, बारिश से कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कोटद्वार क्षेत्र में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। पांच मकान ध्वस्त हो गए। आमपड़ाव में एक मकान में मलबा गिरने से महिला दब गई। बदरीनाथ हाइवे अभी भी बंद है। कई अस्थायी पुल बह गए हैं। इससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए।

नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच रेलवे ट्रेक पर पेड़ गिरने के कारण मसूरी एक्सप्रेस तीन घंटे 10 मिनट देर से कोटद्वार रेलवे स्टेशन पहुंची, जिससे नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच एक पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई।  हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा उफान पर है। रुड़की में तटबंध टूटने से हजारों बीघा जमीन डूब गई है। ऋषिकेश में सौंग नदी का पानी एक बार फिर तटबंध तोड़कर  गौहरीमाफी गांव में घुस गया। वहीं हैंवल घाटी में नदी किनारे बने कैंप बह गए।
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