वहीं रविवार सुबह थल मुनस्यारी मार्ग पर मलबा आने से रास्ता बंद हो गया है। इसके कारण कई गांव के संपर्क मार्ग टूट गए हैं। नैनी गांव के पास पेड़ गिरने से भी रास्ता बंद हो गया है। वहीं गढ़वाल के कोटद्वार में शनिवार को आई बाढ़ के बाद रविवार को भी बारिश से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बता दें कि, बारिश से कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कोटद्वार क्षेत्र में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। पांच मकान ध्वस्त हो गए। आमपड़ाव में एक मकान में मलबा गिरने से महिला दब गई। बदरीनाथ हाइवे अभी भी बंद है। कई अस्थायी पुल बह गए हैं। इससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए।
नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच रेलवे ट्रेक पर पेड़ गिरने के कारण मसूरी एक्सप्रेस तीन घंटे 10 मिनट देर से कोटद्वार रेलवे स्टेशन पहुंची, जिससे नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच एक पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा उफान पर है। रुड़की में तटबंध टूटने से हजारों बीघा जमीन डूब गई है। ऋषिकेश में सौंग नदी का पानी एक बार फिर तटबंध तोड़कर गौहरीमाफी गांव में घुस गया। वहीं हैंवल घाटी में नदी किनारे बने कैंप बह गए।