इनमें निर्धारित मानकों वाले साइलेंसर की जगह मॉडीफाइड साइलेंसर लगाए गए हैं जो गलत हैं। ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। बकौल, एआरटीओ राजधानी के सभी ऑटो डीलर्स व दुकानदारों के यहां विभागीय टीम भेजकर जांच कराई जाएगी, जिसके पास भी प्रेशर हार्न या स्टाइल वाले साइलेंसर मिलेंगे, उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मौके पर कंपाउडिंग कराने वाले डीलर्स व दुकानदार पर 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अन्यथा की स्थिति में जुर्माना अदालत को भेजा जाएगा। गाड़ियाें में प्रेशर हार्न व स्टाइल वाले साइलेेंसर लगाने वाले वाहन स्वामियों पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
ऑटो कारोबारियों की ही मानें तो बाजार में 200 रुपये से लेकर चार हजार रुपये में प्रेशर हार्न उपलब्ध हैं। जबकि साइलेंसर 500 रुपये से लेकर 10000 रुपये में बेचे जा रहे हैं। जिनका दो व चार पहिया गाड़ियों में जमकर इस्तेमाल हो रहा है।
इसके अलावा बाजार में चकाचौंध करने वाली हेडलाइटें भी उपलब्ध हैं, जो 100 रुपये से लेकर दो हजार रुपये में बेची जा रही हैं। बाजार में चीन निर्मित लाइटों की मांग ज्यादा है।