शिक्षा निदेशालय से वर्चुअल माध्यम से होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। यूपी एवं अन्य प्रदेशों से डीएलएड करने के बाद शिक्षक भर्ती के मामले की आज सुनवाई होगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत के मुताबिक सुनवाई के बाद प्रकरण में कानूनी राय ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के 2,917 पदों के लिए हुई शिक्षक भर्ती में अन्य प्रदेशों से गलत तथ्यों के आधार पर डीएलएड कर कई अभ्यर्थी भर्ती हो गए हैं। वर्ष 2024 में अमर उजाला के इस मामले को उठाने के बाद शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। अधिकारियों के मुताबिक करीब डेढ़ सौ ऐसे शिक्षक हैं, जो विभिन्न प्रदेशों से डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में शिक्षक के पद पर भर्ती हुए हैं। दरअसल पूरा मामला डीएलएड के फर्जीवाड़े से जुड़ा है। प्रदेश में डीएलएड के लिए राज्य का मूल या स्थायी निवासी होना जरूरी है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में इसके लिए सभी सीटों का कोटा राज्य के युवाओं के लिए है। ठीक यही व्यवस्था तब उत्तर प्रदेश एवं कुछ अन्य राज्यों में थी। इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थी खुद को जहां से उन्होंने डीएलएड किया है स्थायी निवासी बताते हुए पहले डीएलएड का डिप्लोमा ले आए। उसके बाद खुद को उत्तराखंड का मूल या स्थायी निवासी बताकर उत्तराखंड में शिक्षक के पद पर भर्ती हो गए। पूरा प्रकरण फर्जीवाड़े से जुड़ा है।