विधायकों की खरीद-फरोख्त के कथित स्टिंग मामले में सीबीआई जांच को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने इस प्रकरण पर तत्काल सुनवाई न कर अगली सुनवाई के लिए सात जनवरी (पहले से तय) की तिथि नियत की है।
ऐसे में सीबीआई के समन के मुताबिक सीएम हरीश रावत को 26 दिसंबर को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पेश होना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता देवीदत्त ने हाईकोर्ट में मेंशन कर इस प्रकरण पर तत्काल सुनवाई करने के लिए सीएम हरीश रावत की ओर से अर्जी दाखिल की। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने समन जारी कर हरीश रावत को 26 दिसंबर 2016 को 11 बजे सीबीआई हेडक्वार्टर नई दिल्ली में पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए हैं।
सीबीआई के अधिवक्ता ने किया सुनवाई का विरोध
नैनीताल हाईकोर्ट में है मामला
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याचिकाकर्ता की ओर से इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि प्रकरण पर आज ही (शुक्रवार) सुनवाई कर ली जाए और सीबीआई मुख्यालय दिल्ली में पेशी पर रोक लगाई जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि इस संबंध में रजिस्ट्री में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया गया है। दूसरी तरफ, सीबीआई के अधिवक्ता की ओर से यह कहते हुए विरोध किया गया कि पूर्व में मुख्यमंत्री की ओर से ही कहा गया था कि वह सीबीआई जांच में सहयोग करेंगे।
याचिकाकर्ता की ओर से ही पूर्व में सुनवाई के लिए सात जनवरी की तिथि नियत करवाई थी। ऐसे में इस अर्जी पर आज सुनवाई न की जाए।
यह था स्टिंग मामला
सीएम हरीश रावत
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न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद इस मामले पर तय तिथि सात जनवरी को ही अगली सुनवाई करने के आदेश दिए।
बता दें कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रकरण में मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन किया गया था, जिसकी सीबीआई जांच चल रही है। पूर्व में कोर्ट ने आदेश पारित कर कहा था कि प्रकरण पर यदि एफआईआर दर्ज की जाती है तो उससे पूर्व कोर्ट को सूचित किया जाए।