स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) व स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की लंबे समय से की जा रही मांग को प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले पूरा कर दिया है। अब पांच साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षक पूरे सेवाकाल में एक बार जिला परिवर्तन करने का लाभ ले सकेंगे। प्रदेश में 2200 से अधिक एएनएम व पर्यवेक्षक कार्यरत हैं।
स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात एएनएम व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक का जिला कैडर होने से जिले से बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाता है। इन कर्मचारियों को जिले में पूरी सेवा देनी होती है। प्रदेश सरकार ने एक जिला से दूसरे जिले में पारस्परिक स्थानांतरण में छूट दी है। अब अपनी संपूर्ण सेवा अवधि में एक बार जनपद परिवर्तन का लाभ उठा सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार ने यह निर्णय इन कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिससे सैकड़ों एएनएम और पर्यवेक्षक लाभ मिलेगा। कई एएनएम अपनी गंभीर समस्याओं का हवाला देकर अपना स्थानांतरण दूसरे जनपदों में कराने के लिए आग्रह करते थे, लेकिन सेवा नियमावली में अंतरजनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था न होने से ऐसा संभव नहीं हो पाता था। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की इस समस्या पर कैबिनेट ने फैसला लिया है।