देहरादून। राजकीय जिला गांधी शताब्दी अस्पताल में आईसीयू और निक्कू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड न होने से गर्भवतियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नवजातों की गंभीर स्थिति होने पर उनकी जान भी जोखिम में रहती है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित होने पर गर्भवती महिलाओं के उपचार और प्रसव की सुविधा गांधी शताब्दी अस्पताल में की गई है। स्वास्थ्य महकमे ने करीब आठ महीने पहले गांधी शताब्दी अस्पताल में आईसीयू और निक्कू वार्ड बनाने का निर्णय लिया था। इस पर लगभग आठ महीने पहले काम भी शुरू कर दिया गया। इसके तहत 10 बेड का आईसीयू और 15 बेड का निक्कू वार्ड तैयार किया जाना है। इस पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे संचालित नहीं किया जा सका है। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ ही प्रसव के बाद पीलिया और अन्य बीमारियों से ग्रस्त होने वाले नवजातों को यहां उचित उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे हालातों में जच्चा-बच्चा को चिह्नित निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि आईसीयू वार्ड जल्द ही शुरू किया जाएगा। निक्कू वार्ड का अभी सिविल कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसको शुरू करने में अभी थोड़ा वक्त और लगेगा।