उत्तराखंड के जिन इलाकों में अभी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, नए साल में वहां लोगों का इलाज मुहैया होगा। 800 करोड़ रुपये बजट के उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट फेज टू का खाका तैयार कर लिया गया है। स्वास्थ्य निदेशालय से चार अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर प्रोजेक्ट के विभिन्न कार्यभार की जिम्मेदारी दे दी गई है।
महानिदेशालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के संयुक्त निदेशक डा. सरोज नैथानी को प्रोजेक्ट में अपर परियोजना निदेशक, सहायक निदेशक डॉ. एमडी सेमवाल को संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य), डॉ. शैलेंद्र कंडारी को संयुक्त निदेशक (पीपीपी), डॉ. राजन अरोड़ा को संयुक्त निदेशक (प्रोक्योरमेंट) और डॉ. अमित शुक्ल को प्रोजेक्ट में संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य बीमा) बनाया गया है।
महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल ने बताया कि चार अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। जरूरत पड़ी तो और अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट फेज टू के तहत डाक्टरों की अलग से भर्ती की जाएगी, पहले से जो डाक्टर काम कर रहे हैं, वे करते रहेंगे। परियोजना के तहत प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपडेट किया जाएगा।