स्वाइन फ्लू के मरीजों को जांच के लिए अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। स्वाइन फ्लू की जांच दून मेडिकल कॉलेज के माइक्रोलॉजी विभाग में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक लैब में ही की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव के तहत मंत्रालय ने इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के तहत दून मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में लैब खोलने की मंजूरी दे दी है। माह के अंदर लैब को स्थापित कर मरीजों की जांच शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच के लिए राज्य में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू के मरीजों के नमूनों को लेकर नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) नई दिल्ली भेजा जाता है।
इसमें वक्त की तो बर्बादी होती ही है, डॉक्टरों को इलाज शुरू करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंटीग्रेटेड डिजीज प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। मंत्रालय ने आईडीएसपी लैब नेटवर्क के तहत दून मेडिकल कॉलेज में लैब खोलने की अनुमति दी है।
आईडीएसपी के सहायक निदेशक डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के तहत मंत्रालय की टीम ने पिछले माह दून मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर जायजा लिया था कि लैब खोली जा सकती है या नहीं? मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बताया कि मंत्रालय ने मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक लैब को मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि एक माह के भीतर लैब को संचालित कर दिया जाएगा।