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स्वास्थ्य मंत्री पर लगाया बेरोजगारों के हितों की अनदेखी का आरोप

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बेरोजगार प्रशिक्षित फार्मेसिस्ट महासंघ (एलोपैथी) ने स्वास्थ्य मंत्री पर बेरोजगारों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। बेरोजगार फार्मेसिस्ट ने इस संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन संबंधी शासनादेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। ऐसा न होने की स्थिति में महासंघ ने 24 दिसंबर को प्रदेश भर में काला दिवस मनाने की चेतावनी दी है।
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रविवार को 124वें दिन भी बेरोजगार फार्मेसिस्ट ने एकता विहार सहस्त्रधारा रोड स्थित धरनास्थल पर धरना प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मेसिस्ट नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर 19 अगस्त से एकता विहार सहस्त्रधारा रोड स्थित धरनास्थल में धरने पर बैठे हैं। इस बीच वह स्वास्थ्य महानिदेशालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक रैलियां और प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा वह आमरण अनशन भी कर चुके हैं। जिसे कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत द्वारा आश्वासन पर तुड़वाया गया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महादेव गौड़ ने बताया कि 122 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा बेरोजगारों की मांगों के संबंध में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया। जो कि सरकार की बेरोजगारों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। आज 20 वर्षों से रोजगार की राह देख रहा बेरोजगार फार्मेसिस्ट सरकार की अनदेखी के कारण हताश व निराश हैं और अपने भविष्य के लिए सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने रोजगार फार्मेसिस्ट के संगठन पर भी बेरोजगारों के हितों को कुचलने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष महादेव गौड़ ने आरोप लगाया कि रोजगार संगटन द्वारा निजी स्वार्थ के कारण आंदोलन के बीच में जान बूझकर ढांचा पुनर्गठन का प्रस्ताव लाया गया, लेकिन उसमें उपकेंद्र के 536 सृजित पदों को बचाने का प्रयास नहीं किया गया। रविवार को धरने में जगदीश, विजय, जयप्रकाश, विनोद, सोनल, अलीशा, पामिता, रविंदर, विनायीका अरुण, राकेश, जितेंद्र, नवीन, सुमन, शैलेंद्र, संजीव आदि शामिल रहे।
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