एक सप्ताह से भी कम समय में डेंगू के 84 मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमा हिल गया है। जिस तेजी से डेंगू का प्रकोप बढ़ा है, उससे जल्द ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूटने की आशंका है। पहले ही हफ्ते में डेंगू मरीजों की संख्या के मामले में इस साल बेतहाशा वृद्धि हुई है।
पिछले वर्ष गढ़वाल मंडल के कुल 829 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसमें से करीब 300 अकेले दून से थे। करीब तीन माह के डेंगू सीजन के दौरान ज्यादातर मामले अगस्त के अंत और सितंबर में आए। वहीं 2014 में कुल 122 और 2013 में कुल 120 ही मामले सामने आए थे। लेकिन इस वर्ष जिस रफ्तार से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, उसने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
दूसरों इलाकों में भी हो सकता है खतरा
चिंता इस बात को लेकर भी जताई जा रही है कि अभी केवल एक ही क्षेत्र के मामले सामने आए हैं। पिछले वर्षों के दौरान जिन क्षेत्रों भगत सिंह कॉलोनी, सेवलां कलां से लगते शिमला बाईपास और संजय कॉलोनी जैसे क्षेत्रों से सबसे ज्यादा मामले सामने आए, वहां इस वर्ष अभी एक भी मामला सामने नहीं आया है। इस वक्त विभाग का पूरा फोकस पथरीबाग क्षेत्र पर ही है। ऐसे में अन्य क्षेत्रों की ओर ना तो स्वास्थ्य विभाग और ना ही नगर निगम ध्यान दे रहा है। जिससे वहां भी हालात खराब हो सकते हैं।
साफ पानी में पनपता है एडीज
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है। यह आमतौर पर दिन के समय ही काटता है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि शरीर को पूरी तरह कवर करने वाले कपड़े पहने जाएं। शरीर का कोई भी हिस्सा खुला ना छोड़ें, जिससे कि मच्छर न काट सके। हालांकि किसी के डेंगू संक्रमित होने के बाद सभी मच्छरों से बचाव करना चाहिए।
डेंगू से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी क्षेत्रों में फॉगिंग और कैमिकल स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। मच्छर और लारवा को खत्म किया जाना जरूरी है।
-डॉ. वाईएस थपलियाल, प्रभारी सीएमओ