पछवादून क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन रविवार को भी उफनती नदियों और बरसाती नालों ने भारी तबाही मचाई। सेलाकुई में स्वारना नदी के तेज बहाव से हो रहे भू-कटाव की चपेट में आकर शिवनगर बस्ती की दो झुग्गियों का आधा हिस्सा पानी में बह गया। गनीमत रही कि मौके पर मुस्तैद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए रस्सों और सीढ़ी के सहारे झुग्गियों में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
उधर, ग्राम पंचायत गुजराड़ा करणपुर के दयानगर में टौंस नदी ने विकराल रूप लेते हुए सुनीता उपाध्याय के मकान के पुश्ते व नींव को उखाड़ दिया। बाउंड्री बह जाने से पूरा मकान खतरे की जद में आ गया। वहीं, क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी और कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
रपटों पर जानलेवा सफर, पुल निर्माण की मांग
पछवादून के रुद्रपुर-सोरना में गोहना नदी, लक्ष्मीपुर-छरबा में शीतला, होरावाला में कोट नदी और सहसपुर के चोर खाला में खतरनाक उफान जारी है। रपटों पर पानी का तेज बहाव होने से यातायात बाधित है और लोग जान जोखिम में डालकर इन्हें पार करने को मजबूर हैं। पूर्व प्रधान मोहम्मद अनीस, सुरेंद्र कुमार और अमित कुमार ने सरकार से इन खतरनाक रपटों पर जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।