हरिद्वार में फर्जी पास चस्पा कर सिडकुल के कामगारों को ले जा रही दो बसों को डीएम एवं एसएसपी ने खुद छापा मारकर पकड़ लिया। सामने आया है कि हर एक मजदूर से सात सौ रुपये के हिसाब से किराया तय किया गया था। एसएसपी के निर्देश पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने बस स्वामी ट्रैवल्स व्यवसायी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया। वहीं बसों में सवार कामगारों के ठहरने व खाने पीने की व्यवस्था कराई गई है।
राज्य में इस समय लॉकडाउन की व्यवस्था जारी है। रविवार की दोपहर तक जिला प्रशासन की तरफ से दूसरे जिले में वाहन के लिए रवाना होने को पास जारी किए जा रहे थे, लेकिन शाम को केंद्र सरकार की एडवाइजरी जारी होने पर हर किसी को जहां के तहां रोक देने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद सिडकुल के औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत कर्मचारी भी पैदल रवाना होने शुरू हो गए।
रविवार की शाम जिलाधिकारी सी रविशंकर, एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस को सूचना मिली की सिडकुल के करीब सौ मजदूरों को दो बस लेकर यूपी की तरफ जा रही है। सूचना मिलने पर जिले के शीर्ष अधिकारियों ने चंडीघाट चौक पर पहुंचकर बसों को रुकवा लिया। सामने आया कि बस के अगले शीशे पर जिला प्रशासन द्वारा फर्जी पास चस्पा किए गए थे।
बस में सवार सभी कामगारों को डैंसो चौक से बरेली, उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। मजदूरों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से सात सौ रुपये किराया तय
किया गया था। कामगारों को ले जा रही बसें चौधरी ट्रैवल्स सेक्टर दो भेल के स्वामी अजय चौधरी पुत्र वीरेंद्र सिंह संचालक चौधरी बस सर्विस निवासी गली नंबर 8 टिहरी विस्थापित कॉलोनी रानीपुर की थी। एसएसपी के निर्देश पर रोड़ी बेलवाला चौकी प्रभारी पवन डिमरी की तरफ से धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए ट्रैवल्स व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया गया।
आवश्यक सामग्री के पास पर पश्चिम बंगाल के 55 यात्रियों को छोड़ने के लिए रवाना हुई एक बस हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पकड़ ली। एसएसपी के निर्देश पर बस चालक
के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रविवार की शाम पुलिस को सूचना मिली की पश्चिम बंगाल के लिए यात्रियों से भरी एक बस रवाना हो रही है। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स ने बस को चंडीघाट पर रोक लिया।
बस चालक नरेंद्र पुत्र ब्रह्मपाल निवासी थाना बवाना जिला मुजफ्फरनगर से जब पास मांगा गया तो उसने जिला प्रशासन की तरफ से आवश्यक सामग्री लाने के लिए जारी पास दिखाया। पुलिस ने चालक को फटकार लगाई। पूछताछ में पता चला कि पश्चिम बंगाल के करीब 55 यात्रियों को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख की रकम ली गई थी। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि बस को सीज कर दिया गया। यात्रियों को उनकी रकम वापस दिला दी गई है। यात्रियों के ठहरने खाने पीने की व्यवस्था कर दी गई है। बताया कि बस चालक के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।