हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को बदरीनाथ-केदारनाथ धाम पहुंच दर्शन किए और गोविंदघाट के दरबार साहिब (गुरुद्वारा) में मत्था टेका। उनके साथ सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्री कृष्णपाल गुज्जर भी मौजूद थे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री प्रात: पौने आठ बजे केदारनाथ धाम पहुंचे। बाबा केदार के दर्शन करने के साथ ही वह महाभिषेक पूजा में शामिल हुए। बीकेटीसी के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्होंने धाम में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। लगभग सवा घंटा धाम में बिताने के बाद वे बदरीनाथ के लिए रवाना हुए।
बदरीनाथ महाभिषेक पूजा में हुए शामिल
सुबह सवा दस बजे बदरीनाथ धाम पहुंचने के बाद खट्टर बदरीनाथ की महाभिषेक पूजा में शामिल हुए। आधा घंटे धाम में बिताने के बाद वे हेलीकॉप्टर से गोविंदघाट पहुंचे और दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद सबद कीर्तन में शामिल हुए।
गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने उन्हें सरोपा और प्रतीक चिह्न भेंट किया। यहां आर्ट गैलरी में वर्ष 2013 की जलप्रलय के दौरान गोविंदघाट के मंजर की तस्वीरें देख उन्होंने कहा कि आज यहां स्थितियां सुधर गई हैं और तीर्थयात्रा सुचारु चल रही हैं। सिख समुदाय के लोगों की मेहनत से यह संभव हुआ है।
हेमकुंड साहिब के किए हवाई दर्शन
उन्होंने गुरुद्वारे के प्रबंधक सेवा सिंह से कहा कि वे हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेकना चाहते थे, लेकिन धाम में हेलीपैड न होने के कारण धाम नहीं पहुंचने का उन्हें मलाल है। इसके बाद हेमकुंड साहिब के हवाई दर्शन कर खट्टर दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए प्रस्थान कर गए।
1432 ने किए बाबा केदार दर्शन
शुक्रवार को 1432 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। पिछले तीन दिन से यात्रा पुन: रफ्तार पकड़ने लगी है। बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि आपदा के दो वर्ष के सूनेपन को इस वर्ष की यात्रा ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।