रामपुर तिराहा कांड की 21वीं बरसी पर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को याद किया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर कहा कि इंसानियत के दुश्मनों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि मानवता फिर से कलंकित न हो और न ही रामपुर तिराहा जैसा कांड हो।
रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हरीश रावत ने कहा कि 21 साल पहले जो हुआ उसकी कल्पना तक नहीं थी। जिन पर हमारी सुरक्षा का जिम्मा था, उन्होंने ही ऐसा कृत्य करके मानवता को शर्मसार कर दिया। ऐसा करने वालों को कड़ा दंड मिलना चाहिए। इसके लिए उत्तराखंड सरकार पैरवी कर रही है।
कहा कि उन्हें यूपी सरकार से उम्मीद है कि वह हमारे जख्मों पर मरहम लगाने का काम करेगी। बहुत से मसले हैं, जो यूपी के सीएम के साथ सुलझाने में हम कामयाब हो रहे हैं।
आंदोलनकारियों को दी जाएगी पेंशन
उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि उत्तराखंड पृथक राज्य निर्माण आंदोलन में शामिल होने वालों को विशेष पेंशन दी जाएगी, इसके लिए चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। उसके पूरा होते ही यह पेंशन जारी कर दी जाएगी।
शहीदों के नाम पर होगा नामकरण
सीएम हरीश रावत ने कहा कि अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के नाम पर उत्तराखंड के मुख्य स्थलों और भवनों का नामकरण किया जाएगा। उत्तराखंड की जनता रामपुर और मुजफ्फरनगर के नागरिकों की आभारी है।
इस दौरान भूमि दान करने वाले पंडित महावीर शर्मा, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी विचार रखे। संचालन हेमंत बिष्ट ने किया। पूर्व सांसद सईदुज्जमा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नानू मियां, संतोष शर्मा, बीना भट्ट, राकेश पंवार, सुधीर शांडिल्य, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।