मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के लगातार राज्य के दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के विकास कार्यों से इस कदर घबरा गई है कि एक के बाद एक मंत्रियों का दौरा राज्य में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार ने मंत्रियों को राज्य में झोंका है, उससे बेहतर होता कि मोदी सरकार केंद्रीय कैबिनेट की बैठक ही उत्तराखंड में कर ले।
मुख्यमंत्री ने अमर उजाला से बातचीत में मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद एक भी मंत्री ने राज्य का रुख नहीं किया। उस समय केंद्रीय मंत्री राज्य की जनता के दर्द में शामिल होते तो राज्य की जनता को कुछ राहत मिलती। आज चुनाव नजदीक देख केंद्र सरकार राज्य की हितैषी होने का ढोंग रच रही है। एक के बाद एक मंत्री राज्य का रुख कर रहे हैं।
आगामी चुनाव में जनता भाजपा से कांग्रेस के विधायकों को तोड़कर राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने और राज्य के बजट को पांच महीने केंद्र में बंधक बनाने के संबंध में सवाल पूछेगी। उन्होंने कहा कि बजट रोकने से राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार को छह महीने में एक साल का काम करना पड़ रहा है। इससे विकास योजनाएं प्रभावित हुई हैं।