उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की चूक को न तो दस जनपथ और न ही कांग्रेस के केंद्रीय नेता पचा पा रहे हैं। शीर्ष स्तर पर किसी को यह समझ में नहीं आ रहा है कि उत्तराखंड की जमीनी राजनीति करके क्षितिज पर पहुंचे रावत की उमेश शर्मा से बातचीत की सीडी कैसे सामने आई।
रावत से यह ‘एरर ऑफ जजमेंट’ कैसे हुआ? उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सीडी के सामने आने के बाद ऐन वक्त पर कांग्रेस को जोर का झटका तब लगा जब, वह राजनीतिक संकट को करीब-करीब साध चुकी थी।
कांग्रेस के एक शीर्ष नेता का कहना है कि उमेश शर्मा का इतिहास उत्तराखंड में किसी से छिपा नहीं है। विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत को लेकर भी हरीश रावत काफी समय से सशंकित थे। सतपाल महाराज काफी पहले से रावत के विरोधी खेमे से हैं। ऐसे में राजनीतिक संकट के दौरान हरक के करीबी उमेश से बातचीत पर हरीश रावत ने भरोसा कैसे किया?