पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल का कहना है कि वह पहली नवंबर को होने वाली बहस के लिए भी पूरी तरह से तैयार हैं। मजबूती के साथ अपने तर्कों को रखेंगे। कहा कि वह पहली नबंवर को फिर हाईकोर्ट में बहस के लिए पहुंचेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के बाद सिब्बल पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई ने अपनी प्रिलिमिनरी इंक्वायरी खत्म कर दी है और वह चाहती है कि हरीश रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। कोर्ट ने कहा है कि हम सीबीआई के बीच में नहीं आ सकते। वह चाहती है तो एफआईआर दर्ज कर ले, लेकिन जो फैसला एफआईआर दर्ज करने का है वह इस पर आधारित होगा कि अगर 31 मार्च 2016 को गवर्नर का जो आर्डर था, अगर वह गलत निकला तो सीबीआई कोई प्रोसीक्यूशन नहीं कर सकती है।
उन्होंने कहा कि 15 मई 2016 को तत्कालीन कैबिनेट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश को पलटकर एसआईटी जांच के आदेश का फैसला यदि सही था तब भी सीबीआई की जांच रद्द हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस पर पहली नवंबर को बहस होगी और वह फिर से आकर बहस करेंगे।
मालूम हो कि 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत के नेतृत्व में नौ कांग्रेस विधायकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने हरीश रावत सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। हरीश रावत हाईकोर्ट गए थे जहां से उनकी सरकार बहाल हुई थी। इस दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के एक निजी चैनल के मालिक ने हरीश रावत का स्टिंग किया था जिसमें हरीश रावत विधायकों की खरीद-फरोख़्त की बात करते दिखाई दिए थे।
इसी स्टिंग के आधार पर तत्कालीन राज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की थी। सरकार बहाल होने के बाद हरीश रावत ने इस केस की जांच सीबीआई के बजाय एसआईटी से करवाने की सिफारिश की थी, लेकिन यह मामला सीबीआई के पास ही रहा। इसके बाद हरीश रावत गिरफ़्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण में चले गए थे और हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले वह कोर्ट से अनुमति ले। तीन सितंबर को सीबीआई ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी थी कि उसने इस केस की जांच पूरी कर ली है और वह जल्द ही इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करना चाहती है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत सोमवार को दिन भर अपने राजपुर रोड स्थित आवास में समर्थकों से घिरे रहे और हाईकोर्ट के मामले की जानकारी लेते रहे। बाद में रावत ने फेसबुक पेज पर लिखा कि उन्हें गोपाल दास नीरज की एक कविता याद आई और उन्हें इष्ट देव का सहारा मिला।
पिछली सुनवाई में हरीश रावत खुद नैनीताल पहुंचे थे। सोमवार को भी उनकी निगाह हाईकोर्ट में जारी सुनवाई पर लगी रही। दिन भर के घटनाक्रम को देखते हुए बाद में हरीश रावत ने फेसबुक पर लिखा कि हाईकोर्ट में जारी तर्कवितर्क को देखते हुए उन्हें महाकवि गोपाल दास नीरज याद आए।
नीरज ने लिखा कि सौ-सौ बार चिताओं ने मरघट में मेरी सेज बिछाई है। रावत के मुताबिक उन्हें अपने इष्ट देव पर भरोसा है। हाईकोर्ट में जारी सुनवाई को देखते हुए दिनभर रावत के राजपुर रोड स्थित आवास पर समर्थकों का तांता लगा रहा। कई समर्थकों ने रावत से फोन पर भी बात की।